भारत इंडिया हो गया कविता | Hindi Poem Bharat India Ho Gaya | भावार्थ
भारत इंडिया हो गया कविता | Hindi Poem Bharat India Ho Gaya | भावार्थ
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| भारत इंडिया हो गया कविता | Hindi Poem Bharat India Ho Gaya | |
भारत इंडिया हो गया
अंग्रेज चले गए पर, अंग्रेजी का भूत नहीं गया।
ना जाने भारतवासियो को ये क्या हो गया।
माता पिता ना जाने आज कहाँ खो गए,
अब लगता है वो मौम -डैड हो गए।
ना जाने ये हम भारतबासियो को क्या हो गया!
चाचा चाची, बुआ फूफा सब बैन हो गए,
आजकल तो सारे अंकल ऑन्टी के ही फैन हो गए।
ना जाने ये हम भारतवासियो को क्या हो गया!
भारत के मित्र आज फ्रेंड हो गए,
पतिदेव बेचारे पति से हस्बैंड हो गए।
माता को प्रणाम, हेलो मदर हो गया
सच कहते है अब तो अखबार भी मीडिया हो गया।
लगता है हम भारतवासियो को सच में कुछ हो गया,तभी तो भारत इंडिया हो गया!
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