हिमाचल प्रदेश के 3 ऐसे पर्यटन स्थल जहाँ दुनिया भर के लोग आते है घूमने three main tourist attraction of Himachal Pradesh
वैसे तो हिमाचल प्रदेश ही पर्यटन की दृस्टि से बहुत ही सुन्दर राज्य है यहां का शांत वातावरण, भोले भाले लोग, बर्फ से ढके पहाड़, घुमावदार सड़के, अद्भुत मंदिर और कुल मिलाकर धरती पर जन्नत सा एहसास।
इस प्रदेश में वैसे तो वर्ष भर घूमने के लिए लाखो की संख्या में लोग आते है पर गर्मियों में यह संख्या और भी बढ़ जाती है रो दोस्तों में आज आपको हिमाचल प्रदेश के तीन ऐसी tourist places के बारे में बताने जा रहा हूँ जहाँ पर आप एक बार जरूर प्रकृति का मनोरम दृश्य और शांत वातावरण का मजा लेने आये।
तो सबसे पहले हम बात करेंगे शिमला की1. शिमला shimla
शिमला जिसका नाम सुनते ही हमें जन्नत के नाम कुछ अजीव सा एहसास होने लगता है। शिमला को पहाड़ो की रानी के नाम से भी जाना जाता है और यह हिमाचल प्रदेश की राजधानी भी है। परन्तु स्वतंत्रा से पहले यह भारत की ग्रीष्म कालीन राजधानी थी। शिमला का नामकरण देवी श्यामला (काली देवी ) के नाम पर पड़ा था। शिमला एक पहाड़ी क्षेत्र है जो 12 वर्ग km तक फैला हुआ है।
शिमला में आप गर्मियों में वर्फ से ढके पहाड़ो के साथ साथ, हरे भरे देवदार के घने जंगल, घुमावदार और टेड़े मेढे पहाड़ी रास्ते और सड़के आपको शिमला आने के लिए बार बार आकृषित करेंगे।
यहां पर पहाड़ियों के अतिरिक्त कुछ सरकारी भवन भी है शिमला से 2 किलोमीटर दूर एक जाखु पहाड़ी है जहाँ से शिमला का पहाड़ी क्षेत्र बड़ा सुन्दर दिखाई देता है। इसी पहाड़ी में प्रद्ध हनुमान मंदिर है और कहा जाता है की ज़ब हनुमान जी संजीवनी लेकर जा रहे थे तब उन्होंने यहां पर विश्राम किया था। इसके इलावा यहां की समरहिल (summer hill) और कसौली, हाटकोटी, भी बहुत प्रशिद्ध है।
चैड विक झरना, गलेन नामक स्थल, और इसके साथ वहता झरना और सदाभार जंगल भी बहुत आकर्षक है। शिमला से 16 km दूर स्थित कुफ़री भी बहुत प्रशिद्ध है तथा संजोली, मशोवरा, चैल, नरकंडा में, डलहौजी में भी आप प्रकृति का आनंद लेने जा सकते है।
2. काँगड़ा kangra
काँगड़ा भी हिमाचल का बहुत ही सुन्दर स्थान है। काँगड़ा को नगरकोट और त्रिगर्त के नाम से भी जाना जाता है। यहां के ढालानदार चाय के बागान बहुत ही सुन्दर दिखाई देते है।अगर आप हिमाचल में घूमने के लिए आ रहे है तो काँगड़ा भी एक बार जरूर आये।
काँगड़ा घाटी में ही धौलाधर पर्वत श्रृंखला है जिस पर बारह महीने बर्फ जमी रहती है। इस स्थान पर एक तरफ धर्मशाला में बौद्ध धर्म का केंद्र है और दूसरी तरफ हिन्दू धर्म के अनेको मंदिर। आप भी यहां के मनोरम दृश्यों के साथ साथ यहां के देवी देवताओं का आशीर्वाद जरूर ले। काँगड़ा के प्रशित मंदिर जैसे वैजनाथ मंदिर जो भगवान शिव को समर्पित है , माता बजरेशवरी मंदिर, ज्वाला जी, चामुंडा देवी मंदिर प्रशिद्ध है।
काँगड़ा में धर्मशाला नामक स्थान भी बहुत सुन्दर है। धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम भी है जहाँ पर अंतराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैच होते है। यह स्थान काँगड़ा से अठारह किलोमीटर दूर स्थित है। यह स्थान जलवायु की दृस्टि से बहुत अच्छा है यहां पर अधिक गर्मी नहीं पड़ती इस कारण सरकारी नौकरी से सेवनिवृति के बाद अंग्रेज अफसरों ने ही बसाया था। धर्मशाला को दलाई लामा का मुख्यालय और 'छोटा लहाशा ' के नाम से भी जाना जाता है।यहां पर बौद्ध धर्म के गुम्पा (मंदिर) स्थापित है और यह हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजधानी भी है।आप काँगड़ा के धर्मशाला के साथ- साथ पालमपुर पठानकोट और नूरपुर, काँगड़ा के किल्ले में भी एक बार जरूर घूमने आये।
3. कुल्लू kullu
कुल्लू में भी बहुत सी जगह है जो बहुत ही प्रशिद्ध है कुल्लू का दशहरा विश्व प्रशिद्ध मेला व त्यौहार है और यहां पर सबसे पुराना सेब का बगीचा भी है। कुल्लू में मनाली भी बहुत प्रशिद्ध जगह है। manali कुल्लू से 45 km दूर है यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण दूर दूर तक प्रशिद्ध है।हिम शिखरों, देवदार के घने जंगलो, ढंलवा घाटी और साथ में बहती व्यास नदी इसकी सुंदरता को चार चाँद लगा देती है। मनाली का प्रकृति सौंदर्य इतना मनोरम और अद्धभुत है की यहां पर हर वर्ष दुनिया भर से लाखो की संख्या में लोग छुटिया बिताने आते है।
मणिकर्ण भी कुल्लू में एक महत्व पूर्ण और अद्भुत स्थान है मणिकर्ण कुल्लू से 10 किलोमीटर दूर स्थित है और इसे गर्म जल के स्त्रोत से जाना जाता है और इससे 1 किलोमटर दूर पार्वती गंगा नामक एक सुन्दर स्थान है।यहां पर भगबान शिव और श्री राम को समर्पित मंदिर और सीखो का गुरुद्वारा भी स्थित है।
अगर कुल्लू आते हो तो मनाली के साथ साथ आप बिजली महादेव मंदिर में भी भगवान शिव का आर्शीवाद लेकर जरूर जाये।
इन तीनो जगहों पर आप हवाई जहाज से भी आ सकते हो और सड़क मार्ग के द्वारा भी। तो मनमोहत कर देने बाली प्रकृति और साफ वातावरण का आनंद उठाने हिमाचल प्रदेश जरूर आये।
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