पर्यावरण environment का अर्थ, घटक, प्रकार और महत्व।chapter-1 नोट्स हिंदी में ignou bevae-181

पर्यावरण environment का अर्थ, घटक, प्रकार और महत्व 

प्रत्येक जीवित जीव का एक विशिष्ट परिवेश अथवा माध्यम होता है जिसके साथ वह निरन्तर परस्पर क्रिया करता है, अपना भोजन प्राप्त करता है और उसके प्रति वह पूर्णतः अनुकूलित होता है। यह परिवेश प्राकृतिक पर्यावरण है।


पर्यावरण का अर्थ meaning of environment 

पर्यावरण हमारे चारो तरफ प्रकृति तथा मानवनिर्मित जो भी जीवित या निर्जीव वस्तुए है वें सब मिलकर पर्यावरण का निर्माण करती है जैसे :- पर्वत, पठार, मैदान, वन, मिट्टी, पानी, जीव जंतु  इतयकड़ी पर्यावरण के अंतर्गत आते है।

पर्यावरण के घटक और प्रकार

पर्यावरण के घटक

आम तौर पर पर्यावरण के दो घटक है जैविक (सजीव ) और अजैविक (निर्जीव )

 जैविक घटक जैसे :-

पादप, मनुष्य, परजीवी और सूक्ष्मजीव, सभी जीव जंतु अपघटक इत्यादि जैविक घटको के उदाहरण है।

अजैविक घटक जैसे :-

प्रकाश(light), वर्षण, आदरता और जल, तापमान, वायुमंडलिय गैस, ऋतू / मौसमी परिवर्तन, स्थलाकृति इत्यादि अजैविक घटक के उदाहरण है।

पर्यावरण के प्रकार

पर्यावरण तीन प्रकार का होता है

(i) प्राकृतिक पर्यावरण:-जैसे, महासागर, झील, तालाब, नदी, घास के मैदान, रेगिस्तान इत्यादि।

(ii) मानव संशोधित पर्यावरण :-उदहारण के लिए, बागान, वृक्षारोपण, अभ्यारण्य, बाग इत्यादि।

(iii) मानव निर्मित पर्यावरण :-मानव निर्मित पर्यावरण नाम से ही स्पस्ट होता है जो मनुष्य द्वारा निर्मित होता है जैसे - उद्योग, शहर, कस्बे, खेत, कृत्रिम झील , बांध इत्यादि मानव निर्मित पर्यावरण के उदहारण है।

हमारे जीवन में पर्यावरण का महत्व

हमारे जीवन में पर्यावरण का महत्व बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि दैनिक जीवन में हम जो भी कार्य करता है उसमे पर्यावरण बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उदहारण के लिए हवा ऑक्सीजन जो हमें सांस लेने के लिए जरूरी है, जल, भोजन इतायादी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

सतत विकास

सतत विकाश से हमारा अभिप्राय यह है की जो वर्तमान पीढ़ी की अवश्यकताओं को अपनी निजी अवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता में कोई समझौता किये बगैर पूरा किया जा सके जैसे :- ऊर्जा संसाधन को बेहतर बनाना:- ऊर्जा सरंक्षण करना, ऊर्जा संसाधनों को विक्षित करना इत्यादि।


पर्यावरण का अर्थ meaning of environment 

पर्यावरण हमारे चारो तरफ प्रकृति तथा मानवनिर्मित जो भी जीवित या निर्जीव वस्तुए है वें सब मिलकर पर्यावरण का निर्माण करती है जैसे :- पर्वत, पठार, मैदान, वन, मिट्टी, पानी, जीव जंतु  इतयकड़ी पर्यावरण के अंतर्गत आते है।

पर्यावरण के घटक और प्रकार

पर्यावरण के घटक

आम तौर पर पर्यावरण के दो घटक है जैविक (सजीव ) और अजैविक (निर्जीव )

 जैविक घटक जैसे :-

पादप, मनुष्य, परजीवी और सूक्ष्मजीव, सभी जीव जंतु अपघटक इत्यादि जैविक घटको के उदाहरण है।

अजैविक घटक जैसे :-

प्रकाश(light), वर्षण, आदरता और जल, तापमान, वायुमंडलिय गैस, ऋतू / मौसमी परिवर्तन, स्थलाकृति इत्यादि अजैविक घटक के उदाहरण है।

पर्यावरण के प्रकार

पर्यावरण तीन प्रकार का होता है

(i) प्राकृतिक पर्यावरण:-जैसे, महासागर, झील, तालाब, नदी, घास के मैदान, रेगिस्तान इत्यादि।

(ii) मानव संशोधित पर्यावरण :-उदहारण के लिए, बागान, वृक्षारोपण, अभ्यारण्य, बाग इत्यादि।

(iii) मानव निर्मित पर्यावरण :-मानव निर्मित पर्यावरण नाम से ही स्पस्ट होता है जो मनुष्य द्वारा निर्मित होता है जैसे - उद्योग, शहर, कस्बे, खेत, कृत्रिम झील , बांध इत्यादि मानव निर्मित पर्यावरण के उदहारण है।

हमारे जीवन में पर्यावरण का महत्व

हमारे जीवन में पर्यावरण का महत्व बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि दैनिक जीवन में हम जो भी कार्य करता है उसमे पर्यावरण बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उदहारण के लिए हवा ऑक्सीजन जो हमें सांस लेने के लिए जरूरी है, जल, भोजन इतायादी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

सतत विकास

सतत विकाश से हमारा अभिप्राय यह है की जो वर्तमान पीढ़ी की अवश्यकताओं को अपनी निजी अवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता में कोई समझौता किये बगैर पूरा किया जा सके जैसे :- ऊर्जा संसाधन को बेहतर बनाना:- ऊर्जा सरंक्षण करना, ऊर्जा संसाधनों को विक्षित करना इत्यादि।






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