मंडी जिले की 15 सबसे खूबसूरत घूमने की जगह | Mandi Tourist Places in Hindi (2026)
मंडी जिले की 15 सबसे खूबसूरत घूमने की जगह | Mandi Tourist Places in Hindi (2026)
![]() |
| Mandi himachal pradesh great4study |
परिचय(introduction)
अगर आप हिमाचल प्रदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मंडी जिला आपकी यात्रा सूची में जरूर होना चाहिए। ब्यास नदी के किनारे बसा मंडी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, प्राचीन मंदिरों, शांत झीलों, धार्मिक स्थलों और पहाड़ी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। इसे "छोटी काशी" भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ अनेक प्राचीन शिव मंदिर स्थित हैं। अलग अलग मेले त्यौहार मंडी जिले में मनाये जाते है। यहां पर शादियों और अन्य समरोहो में मण्डयाली धाम बनाई जाती है जो पुरे हिमाचल में प्रशिद्ध है।
इस लेख में हम मंडी जिले की 15 सबसे प्रसिद्ध घूमने की जगहों के बारे में जानेंगे। जो आपकी बहुत सी यात्राओं का एक यादगार पल का हिस्सा बन जाएगी तो चलो एक एक करके शुरू करते है
1. परासर झील
2. रिवालसर झील
रिवालसर झील हिंदू, बौद्ध और सिख – तीनों धर्मों के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। झील के किनारे मंदिर, मठ और गुरुद्वारा स्थित हैं, जो इसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष बनाते हैं। यहां पर वैशाखी के दिन मेला लगता है जो हिन्दू और सिख धर्म के लोग आयोजित करते है।
3. शिकारी देवी मंदिर
लगभग 3,300 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह मंदिर अपने खुले स्वरूप और सुंदर पर्वतीय दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ से हिमालय की कई चोटियों का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।और इस मंदिर में स्थानीय मान्यताओं के अनुसार मंदिर में माता की प्रतिमाओं पर कभी बर्फ नहीं पड़ता।
4. कमरूनाग झील
घने जंगलों के बीच स्थित कमरूनाग झील आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम है। हर वर्ष यहाँ जून महीने की सक्रांति में विशाल मेला भी आयोजित किया जाता है। यहां बहुत से लोग पैदल यात्रा करके देव कमरुनाग के दर्शन करने आते है।
5. पंडोह डैम
ब्यास नदी पर बना पंडोह डैम हिमाचल के प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं में से एक है। रास्ते में रुककर यहाँ का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है।
6. बरोट वैली
बरोट अपनी शांत वादियों, ट्रेकिंग मार्गों, देवदार के जंगलों और ट्राउट मछली पालन के लिए प्रसिद्ध है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह शानदार स्थान है। बरोट में सर्दियों में बर्फ का आनंद भी लिया जा सकता है अगर आप यहां शर्दीयो में आते हो तो।
7. जंजैहली घाटी
जंजैहली एक शांत और कम भीड़ वाला पर्यटन स्थल है। यहाँ से कई ट्रेक शुरू होते हैं और चारों ओर फैले घने जंगल इसकी सुंदरता बढ़ाते हैं। यहां पर माता शिकारी देवी का मंदिर बहुत प्रशिद्ध है जो बिना छत के है।
8. मुरारी देवी मंदिर
सुंदरनगर के पास स्थित यह मंदिर सिकंदरा धार की पहाड़ी पर बना है। यह पहाड़ी हिमाचल के 11 जिलों के भूभागों को दिखाती है जो अपने आप में इस जगह की विशेष उपलब्धि है।यहाँ से सुंदरनगर, बिलासपुर और आसपास की पर्वत श्रृंखलाओं का सुंदर दृश्य दिखाई देता है। पहाड़ी की चोटी में मंदिर स्थित है जो मंडी जिला की 3 तहसीलो का केंद्र है। एक ओर सरकाघाट दूसरी ओर बल्ह और तीसरी ओर सुन्दरनगर। यहां से सबसे सुन्दर बल्ह और सुन्दरनगर का दृश्य बहुत ही प्यारा और मन को मोह लेने वाला है यह जानकारी किसी पुस्तक से लेकर नहीं बता रहा लेकिन खुद के अनुभव से बता रहा हूँ। आप भी एक बार जरूर माता मुरारी के दर्शन करने आये। यहां पहुँचने के लिए आप कार बाइक बस पैदल कैसे भी आ सकते है। एक बार जरूर प्रकृति की सुंदरता का आनंद ले।यहां पर अच्छे खाने और रहने की व्यवस्था है। मुरारी देवी पहुँचने के लिए आपको सुंदरनगर से लगभग 25 किलोमीटर सफर करना पड़ेगा जो लगभग 1 घंटे में पूरा हो जाता है।
9. भूतनाथ मंदिर मंडी
मंडी शहर के बीच स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर मंडी शिवरात्रि महोत्सव का प्रमुख केंद्र है और ऐतिहासिक महत्व रखता है। इस मंदिर की वस्तुक्ला बहुत ही सुन्दर है इसे पूरी तरह पथरो से बनाया गया है बिना किसी सीमेंट के प्रयोग से।
10. त्रिलोकीनाथ मंदिर मंडी
पत्थर की सुंदर नक्काशी वाला यह मंदिर मंडी की प्राचीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।यह छोटी काशी का प्रसिद्ध मंदिर है।
11. सुंदरनगर झील(sunder nagar lake)
सुंदरनगर की कृत्रिम झील शाम के समय बेहद आकर्षक दिखाई देती है। यहाँ सैर और फोटोग्राफी का अच्छा अनुभव मिलता है। यह व्यास नदी के पानी से निर्मित कृत्रिम झील है जो भाखड़ा बांध के लिए पानी का स्त्रोत है। ये झील सुन्दर नगर बसस्टैंड के पास ही है अगर आप चंडीगढ़ दिल्ली से आ रहे है तो वाया बसस्टैंड भी इस झील को देख सकते है या इसके वजाय वाएपास होकर फोरलेन से आये तो भी साथ में इसकी सुंदरता का आनंद ले सकते हो।
12. रिवालसर के आसपास के मठ
रिवालसर क्षेत्र में कई सुंदर बौद्ध मठ स्थित हैं, जो बौद्ध धर्म के लोगों ने बनाये है यहां पर बौद्ध धर्म के लोग सरनार्थी है और सिख धर्म और हिन्दू धर्म के लोग भी रहते है। रिवालसर झील सभी धर्मों का धार्मिक स्थान है जहाँ शांत वातावरण और हिमालयी संस्कृति का अनुभव किया जा सकता है।
13. तत्तापानी
हालाँकि प्रशासनिक सीमाओं के अनुसार इसकी स्थिति की पुष्टि यात्रा से पहले कर लें, यह क्षेत्र अपने गर्म पानी के प्राकृतिक स्रोतों के लिए प्रसिद्ध है और आसपास के यात्रियों में लोकप्रिय है। कुल्लू के मणिकर्ण के जैसे यहां पर भी गर्म पानी के स्त्रोत मौजूद है।
14. कमरूनाग ट्रेक(kamrunag trek)
अगर आपको ट्रेकिंग पसंद है, तो कमरूनाग तक का पैदल मार्ग शानदार अनुभव देता है। रास्ते में घने जंगल और पहाड़ी दृश्य यात्रा को यादगार बनाते हैं। क्यूंकि कमरुनाग मंदिर और झील तक पहुँचने के लिए सड़क नहीं है आपको लगभग 3 घंटे का सफर रोहाण्डा से पैदल ही तय करना पड़ेगा।
15. मंडी शहर (छोटी काशी)
मंडी शहर अपने प्राचीन शिव मंदिरों, घाटों, स्थानीय बाजार और सांस्कृतिक विरासत के कारण स्वयं एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। इसमें बहुत से ऐतिहासिक महल मंदिर पहाड़िया भी है जो आपके इस सफर को यादगार पलो में जोड़ लेंगे।
| मंडी घूमने का सबसे अच्छा समय |
मार्च से जून और सितंबर से नवंबर का समय घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। मानसून में भूस्खलन की संभावना रहती है, इसलिए यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें। नहीं तो किसी मुसीबत में फंस सकते हो। अगर आओ नवंबर दिसंबर में घूमने आते हो तो जंजहली, शिकारी माता मंदिर के आसपास, परासर और कई अन्य जगहों पर बर्फ का आनंद ले सकते हो।
यात्रा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
सुबह जल्दी यात्रा शुरू करें।
पहाड़ी रास्तों पर सावधानी से वाहन चलाएँ।
गर्म कपड़े साथ रखें, विशेषकर ऊँचाई वाले क्षेत्रों के लिए। क्यूंकि ऊंचाई में बर्फ़ीली हवाओं के कारण मौसम ठंडा रहता है।
स्थानीय संस्कृति और धार्मिक स्थलों के नियमों का सम्मान करें।
प्लास्टिक कचरा न फैलाएँ।
आप कई जगह सिर्फ टैक्सी या पर्सनल कार बाइक से जा सकते है और कई जगह सिर्फ पैदल।
कई जगह HRTC बसें जाती है और प्राइवेट बसें भी चलाई जाती है।
मंडी आने पर ट्रैफिक नियमों का पालन करे यहां पर सड़क तंग होने के कारण ट्रैफिक नियम बदलते रहते है तो बाजार में आने से पहले किसी ट्रैफिक पुलिस से जरूर जानकारी ले ले।
FAQ
प्रश्न: मंडी को छोटी काशी क्यों कहा जाता है?
उत्तर: यहाँ बड़ी संख्या में प्राचीन शिव मंदिर होने के कारण मंडी को छोटी काशी कहा जाता है। यहां पर अधिकतर मंदिर भगवान शिव के ही है और यहां पर शिवरात्रि का अंतर्राष्ट्रीय मेला भी लगता है।
प्रश्न: मंडी में सबसे प्रसिद्ध झील कौन-सी है?
उत्तर: पराशर झील और रिवालसर झील सबसे प्रसिद्ध हैं। कमरुनाग झील भी इन प्रसिद्ध झीलों में एक है।
प्रश्न: मंडी घूमने के लिए कितने दिन पर्याप्त हैं?
उत्तर: प्रमुख स्थान घूमने के लिए 2–3 दिन पर्याप्त रहते हैं।
निष्कर्ष
मंडी जिला प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और साहसिक पर्यटन का अनोखा संगम है। यदि आप हिमाचल प्रदेश की वास्तविक संस्कृति और शांत वातावरण का अनुभव करना चाहते हैं, तो मंडी की यात्रा आपके लिए यादगार साबित हो सकती है। अगर आप मंडी शिवरात्रि के समय आते हो तो आपको विभिन्न देवी देवताओं के दर्शन करने मिलेंगे जो मेले में 7 दिन तक मंडी में ही रहते है ये देवी देवता लगभग सवा 200 के आसपास आमंत्रित किये गए होते है। पुरे सप्ताह में मंडी में देवी देवता के वाद्य यंत्रो से मंडी मंत्रमुग्ध हुई होती है जो एक अलग सा एह्साह करवाती है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
Thanks to feedback