शिमला के पर्यटन स्थल और प्रसिद्ध मंदिर | Himachal Pradesh
शिमला के पर्यटन स्थल और प्रसिद्ध मंदिर | Himachal Pradesh
शिमला जिसे पूरी दुनिया में पहाड़ो की रानी के नाम से जाना जाता है। यहां का शांत और स्वच्छ वातावरण सेलानियों को मनमोहित करने का आनंद महसूस करवाता है।ऊँचे ऊँचे बर्फीले पहाड़ और झरने, घुमावदार सड़के भी इसकी सुंदरता को चार चाँद लगते है। शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी है। शिमला जिला अपने वर्तमान स्वरूप में 1 सितंबर 1972 को जिलों के पुनर्गठन के बाद अस्तित्व में आया। पुनर्गठन के बाद तत्कालीन महासू जिले का बड़ा हिस्सा शिमला जिले में शामिल किया गया। इस जिले का कुल क्षेत्रफल 5131 वर्ग की. मी. है। शिमला हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों में से एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और इस के आस - पास और भी बहुत स्थान है जो घूमने के लिए बहुत ही सुन्दर है इन स्थानों पर भी हर वर्ष लाखो में सैलानी प्रकृति के मनमोहित करने बाले पहाड़ो का आनंद लेने आते है। शिमला के कोटखाई और कोटगढ़ का सेब (apple) विश्व प्रशिद्ध है।
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शिमला में घूमने की जगह - शिमला का रिज, मॉल रोड, क्रिसचिन चर्च, हिमाचल स्टेट म्यूजियम, हिमालयन बर्ड पार्क, चैडविक झरना, रानी झाँसी पार्क, हवा घर संजोली, कुफ़री इत्यादि है।
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| The ridge shimla himachal pradesh |
भीमा काली मंदिर - यह शिमला के सराहन में एक प्राचीन मंदिर है जो की माता भीमकाली को समर्पित है। यह मंदिर शिमला जिले का प्रसिद्ध मंदिर है।यह मंदिर शिमला से लगभग 180 km की दुरी पर स्थित है. यह हिमाचल के गठन के पूर्व बुसहर नामक राज्य इयासत की देवी है. यह देवी हिन्दू धर्म की स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर 51 शक्तिपीठो की देवियों के मंदिर में से एक है। सराहन के शहर को जिला किन्नौर का प्रवेश द्वार के रूप में भी जाना जाता है।
हाटकोटी मंदिर - हाटकोटी मंदिर लगभग 1370 मीटर की ऊंचाई पर , पब्बर नदी के किनारे बसा हुआ है. यह माता महिषासुर मर्दिनी का पुरातन मंदिर है। जिसमे वास्तुकला, शिल्पकला के उत्कृष्ट नमूनों के साक्षात् दर्शन होते है। यहां के स्थानीय लोगो का कहना है की ये मंदिर 10 वीं शताब्दी में बना हुआ है। इस मंदिर में महिषासुर मर्दिनी की दो मीटर ऊँची कांस्य से निर्मित प्रतिमा है जो तोरण सहित सहित स्थापित है।
कालीबाड़ी मंदिर - कालीबाड़ी मंदिर का निर्माण 1845 में राम चरण ब्रह्माचारी नामक एक बंगाली सज्जन ने करवाया था। इसकी रूप रेखा पूर्व भारत के देउला वास्तु शैली पर आधारित है, और कोलकाता के दक्षिनेश्वर काली मंदिर से प्रेरित है. इसकेअंदर माता काली की एक नीले रंग की लकड़ी से बनी हुई मूर्ति स्थापित है।
जाखु टेम्पल - यहां पर हनुमान जी का मंदिर और प्रतिमा स्थापित है. और जाखु धार्मिक स्थल के साथ ट्रैकिंग के लिए भी प्रशिद्ध है.
अगर आप कभी शिमला में घूमना आये तो आप सड़क मार्ग, हवाई मार्ग और रेल मार्ग से भी आ सकते है।
हवाई मार्ग से शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है। चंडीगढ़ एयरपोर्ट भी शिमला आने के लिए एक प्रमुख विकल्प है। जो हमें प्रकृति के मनमोहक दृश्यों की अनोखी अनुभूति होंगी. जिससे आपको शिमला का सफर एक यादगार लम्हों से एक बनाएगा।
और अगर घुमावदार सड़को का आनंद लेना चाहो तो चंडीगढ़ बिलासपुर शिमला राजमार्ग से आ सकते हो। तो दोस्तों मुझे आशा है की आप सभी को मेरा ये लेख पसंद आया होगा। और आप भी एक बार पहाड़ो की रानी शिमला में एक बार शांत वातावरण का आनंद उठाने जरूर आये।
यात्रा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
दोस्तों वैसे तो अगर में अपने अनुभव से बताऊं तो आप शिमला में घूमने के लिए साल में कभी भी आसानी से आ सकते हो चाहे सड़क मार्ग हो या रेल। पर मानसून के समय बस थोड़ी सावधानी रखे क्यूंकि बारिश के कारण पहाड़ो से भूस्सखलन का खतरा रहता है तो सफर करते समय थोड़ी सी सावधानी रखनी पड़ती है।
अगर आप सर्दियों में आते हो तो बर्फबारी होने पर शिमला के पहाड़ और आसपास के क्षेत्र बर्फ की चादर से ढका हुआ बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। मुझे तो सच में ऐसा लगता है जैसे कहीं जन्नत जैसी जगह आ गया हूँ जिसे स्वर्ग जैसा मान लो मन ख़ुश हो जाता है
धन्यवाद।

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